Urmilesh
बहुत दुखद। आपसे मेरी दिल्ली मे ही दो-एक बार की अच्छी मुलाकात रही है। कलाकार-मित्र लाल रत्नाकर जी ने मिलवाया था।
सादर श्रद्धांजलि और परिवार के प्रति शोक संवेदना
(साभार)
श्री चन्द्र भूषण सिंह यादव की पोस्ट से ;
स्तब्धकारी सूचना-
16 अप्रैल 2021 निधन-सामाजिक न्याय के अनन्यतम प्रहरी डॉ मनराज शास्त्री जी नही रहे......
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शिक्षाविद,सामाजिक न्याय के अनन्यतम प्रहरी,"यादव शक्ति" पत्रिका के व्यवस्थापक मण्डल के मार्गदर्शक, उत्तरप्रदेश यादव महासभा के लंबे समय तक प्रदेश अध्यक्ष रह चुके एवं वीपीएसएस के जन्मदाताओं में से एक डॉ मनराज शास्त्री जी के निधन की बेहद स्तब्धकारी सूचना प्राप्त हुई है।
मैं डॉ मनराज शास्त्री जी को अपना आदर्श,प्रेरणास्रोतव व अपने विचारधारा का मजबूत स्तम्भ मानता रहा हूँ।उनकी मृत्यु ने मुझे अंदर तक हिला कर रख दिया है।अभी कुछ ही दिनों पूर्व शास्त्री जी की पत्नी का निधन हुआ था जिसके बाद उन्होंने सारे पाखण्ड आदि का परित्याग कर जौनपुर जनपद के शाहगंज स्थित अपने आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया था।शास्त्री जी ने किसी तरह के मनुवादी टोटकों को करने की बजाय अपने पत्नी का चित्र रख बिना मृत्युभोज किये श्रद्धांजलि सभा कर एक नई राह समाज को दिखाई थी।
डॉ मनराज शास्त्री जी "यादव" पत्रिका के सम्पादक व यादव महासभा के संस्थापक रहे "यादव गांधी" राजित बाबू के अति निकटस्थ लोगों में से एक थे।लम्बी अवधि तक यादव महासभा का प्रदेश अध्यक्ष रहते हुये डॉ मनराज शास्त्री जी ने पिछड़े समाज को जगाने व उन्हें एक जुट करने में महती भूमिका निभाई थी।चौधरी चरण सिंह जी से लेकर मुलायम सिंह यादव जी तक के अति निकट रहे डॉ मनराज शास्त्री जी का यूं चले जाना अत्यंत दुखदायी है।
1989-90 के दौर में मैं डॉ मनराज शास्त्री जी जुड़ा था जब मण्डल आंदोलन अपने शबाब पर था।मण्डल आंदोलन के बाद सामाजिक जागृति के अभियान में हम डॉ मनराज शास्त्री जी के साथ हो गए थे और उन्हें मेरे क्रियाकलापों से इतनी न प्रसन्नता होती थी कि वे अक्सर कह दिया करते थे कि चन्द्रभूषण के आ जाने से मैं निश्चिंत हूँ कि हम लोगो के कारवां को ये आगे ले जाने मे कोई कोताही नही बरतेंगे। दिल्ली,लखनऊ,आगरा,हैदराबाद,नांदेड़,पटना सहित देश भर के विभिन्न तरह की वैचारिक गोष्ठियों में डॉ मनराज शास्त्री जी का उद्बोधन प्रेरणादायी तो "यादव शक्ति" में आपका लेखन मनुवाद पर अति मारक होता था।"यादव शक्ति" पत्रिका के तेवर व कलेवर को सजाने-संवारने में डॉ मनराज शास्त्री जी के योगदान को भुलाया नही जा सकता है।
संस्कृत से पीएचडी डॉ मनराज शास्त्री जी ताखा डिग्री कालेज के प्रिंसिपल रहे व जौनपुर जनपद में सामाजिक न्याय,सेक्युलरिज्म,रुढ़िवादी संस्कारो,वंचितों के सामाजिक उन्नयन आदि के लिए जीवन पर्यंत संघर्षरत रहे।मुझे जब से आदरणीय शास्त्री जी के निधन की सूचना मिली है मैं स्तब्ध हूँ,निःशब्द हूँ क्योंकि वे मेरे मन-मस्तिष्क में बसते थे।मृत्यु सबकी होनी है,यह अटल सत्य है जिसे स्वीकार करते हुये हम सबको दुनिया में अपने ऐसे प्रियजनों के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना होगा,यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।डॉ मनराज शास्त्री जी के निधन पर मैं हृदय की गहराइयों से शोक जताते हुये उनके वैचारिक कारवां को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हुये श्रद्धासुमन समर्पित करता हूँ।
प्रधान संपादक-"यादव शक्ति"
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DrShreeprakash Yadav, DrManraj Shastri और 4 अन्य लोगों के साथ हैं.
डॉ मनराज शास्त्री जी नहीं रहे
अत्यंत दुःख के साथ अवगत कराना है कि अखिल भारतीय प्रबुद्धयादव संगम, यादव शक्ति पत्रिका, भारतीय पिछड़ा शोषित संगठन एवं अनेकों शैक्षणिक सामाजिक संस्थाओं के संस्थापक, अध्यक्ष, सदस्य तथा मानव वादी एवं वैज्ञानिक विचारों के अग्रदूत पूर्व प्राचार्य माननीय श्री मनराज शास्त्री जी जौनपुर उत्तर प्रदेश का ऑक्सफोर्ड हॉस्पिटल वाराणसी में सायं काल 5:00 बजे दिनांक 16 अप्रैल 2021 को कोरोना पॉजिटिव होने के कारण निधन हो गया है। शास्त्री जी के निधन से संगठन एवं समाज की अपूरणीय क्षति है। अखिल भारतीय प्रबुद्ध यादव संगम , यादव शक्ति पत्रिका एवं भारतीय पिछड़ा शोषित संगठन परिवार आप के निधन से दुःखी है । विशेष रुप से मैं स्तब्ध एवं निःशब्द हूँ ।
अश्रुपूरित श्रद्धांजलि
डॉ श्रीप्रकाश यादव
प्रमुख महासचिव
अखिल भारतीय प्रबुद्ध यादव संगम
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GD Yadav
डॉक्टर मनराजशास्त्री पिछड़े और शोषित समाज के लिए एक मसीहा थे उनकी जैसी विचारधारा तथा उनके जैसा चिंतक होना बड़ा कठिन है उन्होंने सिर्फ सिद्धांत ही नहीं दिया बल्कि उस पर अमल भी किया डॉक्टर मनराज शास्त्री का इस तरह से जाना हम सबके लिए बहुत ही खेद जनक है एवं यह अपूर्ण क्षति है
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..….... आदरणीय DrManraj Shastri जी नहीं रहे सुनकर धक्का सा लगा।
शब्द नहीं हैं कैसे दुख व्यक्त करुं।आप हमेशा मार्गदर्शक बन मुझे अपने सलाह और विचारों से लाभान्वित करते रहे। मेरा मार्गदर्शन करते रहे। मैं सदैव आपका ऋणी रहुंगा आदरणीय
आपका असीम स्नेह था मुझ पर। प्रकृति आपको अपनी गोद में जगह दे।सादर श्रद्धांजलि नमन
....!!
ये पढ़कर स्तब्ध रह गया कि आदरणीय D. Shastri यानि DrManraj Shastri सर नहीं रहे।
कई वर्षों से हम लोग एक दूसरे से फेसबुक पर जुड़े थे। पाखंड और कर्मकांड के घोर आलोचक शास्त्री सर मेरी पोस्ट्स पर अक्सर टिप्पणी करते थे। पाखंड के खिलाफ लिखी पोस्ट्स को सराहते थे। भले ही मैं उनसे कभी नहीं मिला। लेकिन वर्षों तक इस मंच पर विमर्श के बाद एक अपनापन महसूस करने लगा था। अभी कुछ दिन पूर्व एक परम्परागत त्यौहार की फ़ोटो देखकर उन्होंने मेरी पोस्ट्स पर आकर मेरी आलोचना करते हुए कहा था कि आपके ऊपर मेरी नजर रहती है। आपको इस तरीके की पोस्ट्स नहीं करनी चाहिए।
उनकी दो id हैं दोनो पर मैं जुड़ा था। कुछ महीने पहले उनकी पत्नी जी का भी देहांत हुआ था तब उन्होंने मात्र श्रद्धाजंली सभा करके अपनी पत्नी जी की स्मृति को याद किया था। वे अपने परिवार में भी किसी विवाह इत्यादि में किसी भी धार्मिक कर्मकांड को नहीं होने देते थे।
ऐसे सामाजिक न्याय के अपने पुरखे को खोकर सच में मन दुःख और विषाद से भर गया। ऐसा लग रहा है कि जैसे हमने एक अभिभावक को खो दिया।
प्रकृति आपको अपने अन्तस् में आश्रय प्रदान करे। आपकी स्मृति को नमन। भावपूर्ण श्रद्धाजंलि





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